Thursday, 15 October 2015

नवरात्री के ढेरों शुभकामनायें

आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये । जगत जननी माता रानी का आशिर्वाद आप सब पर बना रहे।
 





Saturday, 26 September 2015





















हमारे शहर की गलियाँ
हमारे ही शेहरो की ये सड़कें

ये घर और मकान
ये नर्मदा जी का घाट और संगेमरमर के पहाड़
कहीं चाट का ठेला तो कहीं बनते पकवान
खोये की जलेबी और पोहे का जलपान
परसाई के व्यंग्य
और आस पास के सुन्दर ताल

संगीत से ले नाट्य शास्त्र में विख्यात
यही तो है
सुन्दर शांत हमारा शहर

पर न जाने क्यों रोता है  दिल  आज
देख
शहर में ये गंदे नाले
थूकता हुआ हर दूसरा इंसान
शौचालय सा बदबूदार चौक
कचरे से भरा अब ग्वारीघाट से तिलवारा घाट
फुवारे  में चारो और थूका हुआ पान
गाड़ियों में चलते कुछ महान सड़के बनाते कूड़ादान
क्यूँ साफ़ करते सिर्फ खुद का ही आँगन
क्या दीखता नहीं उन्हें शहर का मान


ये तो नहीं संस्कारधानी के संस्कार
सिखाते नहीं गलत यहाँ के विद्वान
फिर क्यूँ संगेमरमर से सफ़ेद और साफ़ इस शहर को हमने बनाया यूँ कूडादान
अब उठो चलो साथ
करें इस कूड़े को साफ़
जोड़े खुद से स्वच्छ भारत अभियान
फिर से करें ऊँचा संस्कारधानी  का हम नाम !!!!!!!!!!!!!!


सौरभ जयसवाल 
भा ज पा युवा मोर्चा
जबलपुर






कर्म नगरी को मेरा प्रणाम ...........










इस  कर्म नगरी में
कर्मों की सही परिभाषा और पैमाने समझना मुश्किल है,
चेहरे बेहिसाब हैं , नकाब भी चढ़े हैं
सुन्दर चेहरा भी कर्म नगरी को गन्दा कर रहा है
और कुछ बिगड़ी सी शक्लें सुधारने की कोशिश
आत्मा और मन के अन्धकार में सुन्दर चेहरे कि पहचान उसके कर्म हैं
अब मैं और आप इसे कैसे पहचाने
कर्म नगरी को कैसे निखारें
इसी प्रयास कि अभिव्यक्ती को मन से मेरे संग चले निभाएं
इस नगरी को संस्कारधानी को फिर हम मिल कर बनाएं !!

!!!!!!!! सौरभ जयसवाल !!!!!!!!!!!
भाजपा युवा मोर्चा
जबलपुर